Tuesday, July 5, 2022
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Mutual Fund कितने प्रकार के होते है?| आपकी जरूरत के हिसाब से Mutual Fund के प्रकार!

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Mutual Fund कितने प्रकार के होते है?| आपकी जरूरत के हिसाब से Mutual Fund के प्रकार!

बढ़ती हुई इन्फ्लेशन के साथ साथ रुकी हुई तनखाह के साथ गुजारा करना बेहद ही मुश्किल है। इसी लिए एक अच्छे फाइनेंस प्लानिंग की जरुरत हर किसी को होता है। थोड़े बहत बचा हुआ पैसों को अगर सही से इस्तेमाल किया जाए, यानि के उनको सही जगह पर निवेश किया जाये तो यह आपके लिए बाद में काफी मददगार साबित होते है।

ऐसे में पोस्ट ऑफिस , बैंक तथा शेयर मार्केट में इन्वेस्ट करना फायदेमंद साबित होता है। मगर ज्यादा जानकारी के उपलब्ध न होना या फिर सही से समझ में न आने से लोग शेयर मार्केट में उतना इन्वेस्ट नहीं कर पाते और बैंक , पोस्ट ऑफिस के रिटर्न भी उतने अच्छे नही होते। तो ऐसे में म्यूच्यूअल फण्ड में इन्वेस्ट करके आप लाखो तथा करोडो कमा सकते है अगर सही समय पर अपने इन्वेस्ट करना सुरु कर दिया हो तो।

म्यूच्यूअल फण्ड इन्वेस्टमेंट के लिए आपको न तो किसी एनालिसिस की जरुरत पड़ती है न ही उसको ट्रैक करना पड़ता है बस उसमे पैसे रखने होते है और यह आपको मातुरिटी के वक़्त बताये हुए कीमत आपको अदा करती है।

तो चलिए आज हम आपको म्यूच्यूअल फण्ड कितने प्रकार के होते है और आपको इनमेसे कौनसे प्रकार के म्यूच्यूअल फण्ड ख़रीदना है इस बारे में जानते है।

 

Mutual Fund कितने प्रकार के होते है?

Mutual Fund
Mutual Fund

म्यूच्यूअल फण्ड कई प्रकार के हो सकते है। यह आपको स्कीम बुक में लिखा सायद न मिले मगर आप इस पोस्ट को गौर से पढ़ेंगे तो आप जान पाएंगे कि कौनसा स्कीम कौनसे प्रकार के फण्ड के है।

हम आसानी से समझने के लिये इन्हें 5 भागों में बाँट देते है।

  1. Structure के हिसाब से
  2.  Investment Goal/Objective के हिसाब से
  3. Risk के हिसाब से
  4. Asset Class के हिसाब से
  5. Speciality के हिसाब से

1-Structure के हिसाब से Mutual Fund कितने प्रकार के होते है?

Structure के हिसाब से म्यूच्यूअल फण्ड 3 प्रकार के होते है।

Open-Ended Fund

ओपन एंडेड फण्ड में आप साल भर में कभी भी इन्वेस्ट कर सकते है और उससे बाहर भी निकल सकते है। यह एक हाई लिक्विड(जो आसानी से पैसों में कन्वर्ट हो सके) फण्ड होते है।

इनमे SIP (सिस्टेमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान-हर महीने एक निर्दिष्ट राशि का जामा करना) भी उपलब्ध है। यह एक अच्छा निर्णय होगा उन लोगो के लिए जो नॉकरी करते है, वे हर महीने अपने बचे हुए सैलरी से थोड़ा थोड़ा करके इसमें जमा करवा सकते है।
भारत में उपलब्ध कुछ ओपन एंडेड फण्ड –

  • SBI small-cap fund
  • SBI magnum gilt fund
  • Motilal Oswal NASDAQ100

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Mutual Fund Hindi 2022 | Mutual Fund kya hai

Close ended Fund

यह फण्ड बस एक ही बार बाजार में कंपनी के द्वारा बेचे जाते है IPO के तहत जिन्हें हम NFO(NEW FUND OFFER) के नाम से जानते है। अगर आप यह फण्ड खरीदना चाहे तो NFO के समय ही खरीद सकते है।

यह फण्ड Equity/Debt फण्ड के श्रेणी में शामिल है, इसके 65% या तो equity में या फिर debt में इन्वेस्ट होना जरुरी होता है। यह फण्ड मैच्यूरिटी से पहले लिक्विड न होने के वजह से फण्ड मैनेजर को आसानी हो जाती है इसको अछि जगह इन्वेस्ट करने के लिए। इससे अच्छा खासा रिटर्न भी जेनेरेट होता है।
यह फण्ड उन लोगों के लिए सही है जो एक ही समय पर एक लम्प सम इन्वेस्ट कर सके।

  • SBI Tax advantage fund series-ii
  • ICICI PRUDENTIAL RIGHT FUND
  •  Icici prudential growth fund series 1

यह सब close ended फण्ड होते है।

Interval Fund

इस तरह के फण्ड ओपन एंडेड फण्ड और क्लोज एंडेड फण्ड के मिश्रण के तरह लगते है। बाजार के हमेशा यह फण्ड के शेयर मिलते रहे इसीलिए फण्ड अपने कुछ शेयर बाजार से खरीदता रहता है ताकि नए निवेसक हमेशा जुड़ते रहे। इसमें ग्राहक चाहे तो अपना हिस्सा फण्ड को बेच सकता है,

पर इसके लिए समय सीमा निर्धारित किया हुआ होता है उससे पहले आप न तो खरीद सकते और न ही बेच सकते है। यह स्कीम काफी कम ही मार्किट में देखा जाता है, इसीलिए जिनके भी रिस्क टेकिंग लौ से थोड़ा ऊपर का है वो यह फण्ड में निवेश कर सकते है।

यह फण्ड इक्विटी या फिर डेब्ट या दोनों में भी इन्वेस्ट किये जाते है।
यह फण्ड ओपन एंडेड फण्ड तरह लिक्विडेट नहीं है इसीलिए आप इमरजेंसी के वक़्त इसको बेच नहीं सकते , बाकि इसके रिटर्न लगभग 8% तक सालाना जा सकता है।

  • IDFC Yearly series interval fund
  • Reliance yearly interval fund
  • UTI fixed interval income fund

यह सब interval fund के कुछ नाम है जिन्हें आप खरीद सकते है ।

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2-Investment Goal/Objective के हिसाब से

Growth Fund

यह फण्ड कंपनी के शेयर में इन्वेस्ट किया जाता है। इसमें काफी अच्छे खासे रिटर्न भी जेनेरेट होते है। इसी तरह के फण्ड में ज्यादा मुनाफे के साथ साथ ज्यादा रिस्क भी होता है।

अगर आपके रिस्क टेकिंग कैपेसिटी हाई है तो आप इन फंड्स में इन्वेस्ट कर सकते है। यह फण्ड लॉन्ग टर्म इन्वेस्टमेंट के लिए फायदेमंद माना जाता है। इस फण्ड से मिलने वाली सालाना इनकम अगर 1 लाख से ज्यादा होता है तोह इस पर आपको 10% से 15% के बीच टैक्स भरना पड़ता है।

  • Axis bluechip fund
  • Mirae asset tax saver fund
  • Axis midcap fund
  • HDFC Index Sensex
  • Nippon India index fund

Income Fund

यह फण्ड आपको रेगुलर बेसिस पर इंटरेस्ट या फिर डिविडेंड यील्ड के तौर पर इनकम जेनेरेट करके देती है। यह फण्ड एक काफी सारे अलग अलग जगह पर इन्वेस्ट होने के कारण यह आपको इनकम जेनेरेट करके दे पाती है। अगर आपका लक्ष रेगुलर इनकम के लिए है तो आप इस तरह के फण्ड पे इन्वेस्ट कर सकते है। यह फण्ड ज्यादातर डेब्ट में जैसे की डिबेंचर, कॉर्पोरेट बांड, गवर्नमेंट सिक्योरिटी अदि में इन्वेस्ट होते है।

  • Axis mutual fund
  • Kotak mutual fund
  • Reliance mutual fund
  • HDFC mutual fund
  • SBI mutual fund
  • ICICI Prudential mutual fund
  •  UTI mutual fund

Liquid Fund/Money market fund

यह फण्ड एक तरह से डेब्ट फण्ड होते है जो के फिक्स्ड इनकम जैसे की कमर्शियल पेपर , ट्रेज़री बिल्स, गवर्नमेंट सिक्यूरिटी अदि में इन्वेस्ट होते है।

यह 91 दिन अंदर मैच्यूरिटी हो जाते है, इसीलिए इन्हें लिक्विड फण्ड कहा जाता है। हालाँकि इसमें काफी कम इनकम जेनेरेट होता है फिर शार्ट टर्म पीरियड के लिए यह बहत ही अच्छे होते है। जिन इन्वेस्टर के पास काफी सारा पैसे हो वो इसे चुन सकते है।

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Intraday Trading क्या होता है? | इंट्राडे ट्रेडिंग कैसे करते हैं? | इंट्राडे ट्रेडिंग क्या है in Hindi? 2022

 

  • HDFC liquid fund
  • Tata liquid fund
  • Axis liquid fund
  • SBI liquid fund

Tax saving fund/ELSS fund

यह फण्ड आपको आपके टैक्स बचाने में मददगार साबित होते है। IT Act के तहत section 80C के अंदर आप सालाना 1.5लाख तक के डिडक्शन क्लेम कर सकते है। यह फण्ड ज्यादातर इक्विटी में इन्वेस्ट करते है और इनके सर्वनिम्न लॉक इन पीरियड 3 साल तक के होते है। इसमें आप SIP या फिर लम्प सम में इन्वेस्ट कर सकते है। यह 3 साल में लगभग 16% तक के रिटर्न जेनेरेट करके आपको देता है।

  • Kotak tax saver fund
  • DSP TAX saver fund
  • Axis long term equity fund
  • Motilal Oswal Long term equity fund

V-Capital protection Fund

यह फण्ड एक किस्म का क्लोज एंडेड हाइब्रिड फण्ड होता है जिसका लक्ष इन्वेस्टर के कैपिटल को सुरक्षा देने होता है। मार्किट कितना भी गिरे यह आपके इनवेस्टेड कैपिटल की सुरक्षा के ध्यान रखते है। यह डेब्ट फण्ड के श्रेणी में आते है और लगभग 70% फण्ड के राशि को डेब्ट इंस्ट्रूमेंट में लगाते है।

मार्किट अच्छे के अच्छे परफॉरमेंस के साथ यह आपके कैपिटल में भी चढाव लाते है। इसमें काफी लौ रिस्क के साथ साथ एक निश्चित रिटर्न के भी भरोसा रहता है।

  • ICICI Pru CPO Fund-XI-A-2056D(G)
  • ICICI Pru CPO Fund-XIV-A-1275D(IDCW)
  • SBI CPO Fund-A-1-Reg(G)
  • SBI CPO Fund-A-5-Reg(G)
  • SBI CPO Fund-A-7-Reg(G)

 

 

Pension fund

यह फण्ड रिटायरमेंट फण्ड के नाम से भी जाना जाता है। अपने रिटायरमेंट के बाद एक निश्चित सुरक्षित राशि आपके लिए तय करता है। इससे आपके रिटायरमेंट के बाद जिंदेगी गुजारने के लिए कोई दिकत नही आती है।
इसमें लम्प सम और SIP दोनों की सुविधा आपको मिल जाती है। यह लगभग 11% तक का रिटर्न जेनेरेट करके आपको देता है।

  • SBI retirement benefit fund
  • ICICI retirement fund

 

3-Risk के हिसाब से

low risk म्युचुअल fund

इसमें रिस्क टेकिंग कैपेसिटी काफी कम होती है। इसमें मार्किट में हो रही हलचल के आपके इन्वेस्टमेंट के ऊपर कोई असर नहीं होता ।

मध्यम रिस्क म्युचुअल फण्ड

आने नाम के हिसाब से इसमें रिस्क टेकिंग कैपेसिटी मध्यम होते है और इसपे लौ रिस्क से थोड़ा ज्यादा रिटर्न मिलता है।

High Risk म्यूच्यूअल फण्ड

इस तरह के फण्ड में रिस्क हाई होने के साथ साथ रिटर्न भी हाई होता है। यह प्रो इन्वेस्टर के लिए अच्छा होता है।

 

4-Asset class के हिसाब से

Equity mutual fund

इक्विटी म्यूच्यूअल फण्ड कंपनीओं के शेयर्स में इन्वेस्ट करते है। जिससे की अच्छा खासा रिटर्न जेनेरेट भी होता है। हमने growth फण्ड के बारे में पहले से जान लिया है, वो इक्विटी फण्ड ही होते है।
इक्विटी फण्ड के भी कुछ प्रकार होते है-

  • sectoral funds- यह किसी विशेष सेक्टर पर ही इन्वेस्ट करते है, जैसे की IT, pharma अदि।
  • focused fund- यह फण्ड स्कीम बनते समय दिए गए गाइड लाइन के अनुसार सिर्फ कुछ ही सेक्टर में इन्वेस्ट करते है।
  • contra equity fund- यह कुछ कम दामो के शेयर पर इन्वेस्ट करते है जो की आगे चलकर उनके दामो में उछाल देखने को मिल सकता है।
  • ऐसे ही इसमें Small Cap, Mid Cap, Large Cap, ELSS, DIVIDEND fund आदि शामिल है।

DEBT FUND

डेब्ट फण्ड commercial paper, government security जैसे में इन्वेस्ट करती है। Liquid fund, Money market fund, over night fund इस श्रेणी में आते है।

Hybrid Fund

हइब्रिड फण्ड एज से ज्यादा एसेट क्लास में इन्वेस्ट करते है। यह इक्विटी और डेब्ट फण्ड का मिला हुआ स्वरुप है। इसमें रिटर्न काफी मॉडरेट रहते है।

 

Speciality के हिसाब से

सेक्टर फण्ड

यह फण्ड किसी विशेष सेक्टर पर ही ध्यान देते है। जैसे की IT, Pharma,Realestate, technology आदि ।

इंडेक्स फण्ड

यह फण्ड NSE NIFTY, BSE SENSEX जैसे इंडेक्स में इन्वेस्ट करती है।

Fund of Fund

इस तरह के फण्ड बाकि म्यूच्यूअल फण्ड को फण्ड करते है। इसनमे अच्छे खासे रिटर्न देखने को मिलता है।

ऐसे ही इस श्रेणी में Emerging Market Fund, International Fund, Global Fund आदि भी शामिल है।

 

दोस्तों आज Mutual Fund कितने प्रकार के होते है? के बारे मर काफी बिस्तार से आलोचना की है। आशा है आपको इससे इन्वेस्टमेंट में जरूर मदद मिलेगी। किसी भी इन्वेस्टमेंट से पहले उसके रिटर्न के साथ साथ जुड़ा हुआ रिस्क को भी देखना बहत जरुरी है। इससे आपके इन्वेस्टमेंट को नुकसान होने से आप खुद ही बचा पाएंगे। आपको हमारा पोस्ट केसा लगा हमे कमेंट्स में जरूर बताइये।

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